सौभाग्य योजना से 54 प्रतिशत से अधिक गरीब परिवारों के घर बिजली से जगमगाए

Posted on 17 May, 2018 1:18 pm

 

मध्यप्रदेश में सहज बिजली हर घर योजना सौभाग्य में अब तक राज्य के 11 जिलों आगर-मालवा, मंदसौर, इंदौर, खण्डवा, नीमच, देवास, रतलाम, हरदा, अशोकनगर, उज्जैन और शाजापुर में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य पूर्ण कर लिया गया है। योजना में कुल 26 लाख 54 हजार 474 गरीब परिवारों के बिजली विहीन घरों को आगामी अक्टूबर तक विद्युतीकृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य में अब तक ऐसे 14 लाख 46 हजार 291 घरों में बिजली कनेक्शन लगा दिया गया है। इतने कम समय में विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा 54 प्रतिशत से ज्यादा घर बिजली से जगमगा रहे हैं। योजना में शेष बचे घरों को अगले पांच माह में विद्युतीकृत करने का लक्ष्य है।

मध्यप्रदेश में केन्द्र और राज्य सरकार की प्रभावी पहल पर ऐसे सभी घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, जो वर्षों से बिजली से वंचित थे। इसके लिए 'सौभाग्य योजना' का बेहतर क्रियान्वयन करवाया जा रहा हैं। तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा समुचित प्रयास कर अंधेरे में डूबे सभी घरों को सहजता और सरलता से बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाये जा रहे हैं।

पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को क्षेत्र के 20 जिलों के 15 लाख 7 हजार 20 घरों में बिजली कनेक्शन करवाने का लक्ष्य दिया गया है। कंपनी ने अब तक 4 लाख 81 हजार 908 घरों में बिजली कनेक्शन कर दिये हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने क्षेत्र के 16 जिलों के 18 लाख 55 हजार 325 बिजली विहीन घरों के विद्युतीकरण के लक्ष्य के विरूद्ध 6 लाख 12 हजार 144 घरों में बिजली कनेक्शन कर दिये हैं। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 15 जिलों में 7 लाख 16 हजार 851 बिजली विहीन घरों को बिजली सुविधा मुहैया करवाने के लक्ष्य के विरूद्ध 3 लाख 52 हजार 239 घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवा दिए गए हैं।

सौभाग्य योजना में 60 प्रतिशत राशि केन्द्र से अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाई जा रही है। शेष 40 प्रतिशत राशि का प्रबंध राज्य शासन एवं तीनों विद्युत वितरण कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। योजना में आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े हितग्राहियों को नि:शुल्क बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं। अन्य हितग्राहियों से 500 रूपए की राशि 10 किश्तों में मासिक विद्युत बिल के साथ ली जाएगी।

साभार – जनसम्पर्क विभाग मध्यप्रदेश